चंडीगढ़ में हॉब रिपेयर और सर्विस
विज़िट चार्ज ₹100 है। काम शुरू करने से पहले टेक्नीशियन फ़ॉल्ट देखकर खर्च बताता है, और पैसे काम पूरा होने के बाद ही लिए जाते हैं।
किचन के काउंटर में लगा बिल्ट-इन हॉब क्लिक करता है पर जलता नहीं, लौ बुझ जाती है या काँच चटक गया है? चंडीगढ़ में हमारा टेक्नीशियन घर आकर हॉब को काउंटर से निकालता है, वहीं ठीक करता है, वापस लगाता है और हर जोड़ की लीक-जाँच करके जाता है। हॉब कहीं वर्कशॉप नहीं जाता।
बुकिंग फ़ॉर्म अंग्रेज़ी में है: बस नाम, मोबाइल नंबर और पता भर दें। बाकी बात हमारी टीम फ़ोन पर हिंदी में कर लेगी।
चंडीगढ़ में
चंडीगढ़ के सेक्टरों में पुरानी कोठियों से लेकर नए फ़्लैटों तक हर तरह के किचन हैं: कहीं पुराना स्टील का चूल्हा, कहीं नया मॉड्यूलर किचन।
पुराने सेक्टरों के मकानों में जब किचन नया बनता है तो साथ में हॉब और चिमनी भी लगते हैं; ऐसे हॉब का कट-आउट और गैस कनेक्शन, दोनों हम देखते हैं।
पत्थर के पुराने स्लैब में हॉब
पुराने सेक्टरों के मकानों में किचन का स्लैब अक्सर ग्रेनाइट या मार्बल का होता है। हॉब का कट-आउट उसी हॉब के नाप से कटना चाहिए: बड़ा कट जाए तो हॉब हिलता है और किनारे से पानी नीचे जाता है, छोटा रह जाए तो हॉब ठीक से बैठता नहीं और गरम हिस्सा पत्थर से लगता है। कट-आउट पत्थर का कारीगर काटता है; हम हॉब के मॉडल से उसका नाप बताते हैं, फिर हॉब बिठाकर गैस से जोड़ते हैं।
सिलिंडर उसी कैबिनेट में
यहाँ ज़्यादातर हॉब सिलिंडर से चलते हैं और सिलिंडर अक्सर हॉब के ठीक नीचे वाली कैबिनेट में रखा जाता है। उस कैबिनेट के दरवाज़े में हवा आने-जाने के लिए जाली या छेद होने चाहिए, रबर का पाइप हॉब के नीचे गरम हिस्से को छूता न हो और मुड़ा या दबा न हो। सिलिंडर बदलते समय हॉब के सारे नॉब और रेगुलेटर बंद रखें।
सर्दियों की सुबह और ऑटो-इग्निशन
दिसंबर-जनवरी की ठंडी सुबह में किचन में नमी रहती है। रात को पोंछा या बर्तन धोने के बाद बर्नर गीले रह जाएँ तो स्पार्क पिन पर चिंगारी नहीं बनती। बर्नर की कैप और पिन को सूखे कपड़े से पोंछकर देखें; फिर भी टिक-टिक बेकार जाए तो इग्निशन की जाँच करवाएँ।
चंडीगढ़ के इन इलाक़ों में भी आते हैं
सेक्टर 15 · सेक्टर 22 · सेक्टर 35 · सेक्टर 44 · मनीमाजरा · सेक्टर 38 (वेस्ट) · सेक्टर 49 · सेक्टर 8
और चंडीगढ़ के बाकी इलाक़ों में भी: कुल 83 इलाक़े।
हम क्या-क्या ठीक करते हैं
ऑटो-इग्निशन
नॉब घुमाने पर टिक-टिक होती है पर आग नहीं पकड़ती, या किसी एक बर्नर पर चिंगारी ही नहीं आती। अक्सर स्पार्क पिन पर जमी चिकनाई या नमी, ढीला तार, या इग्निशन मॉड्यूल की ख़राबी। बैटरी वाले हॉब में पहले बैटरी देखी जाती है।
कम, पीली या एक तरफ़ जलती लौ
बर्नर के छेद और जेट में दूध, चाय या तेल जम जाता है। बर्नर और जेट साफ़ करके, कैप ठीक से बिठाकर लौ फिर से नीली और बराबर।
नॉब छोड़ते ही आग बुझ जाना
ऐसा अक्सर फ़्लेम फ़ेल्योर डिवाइस (थर्मोकपल) की ख़राबी से होता है। उसकी जाँच, सफ़ाई और ज़रूरत हो तो बदलना। इसे हटाकर हॉब चलाना ख़तरनाक है, हम ऐसा नहीं करते।
टूटा या चटका काँच का टॉप
मॉडल नापकर उसी नाप का टफ़न ग्लास लगाना। ग्लास की कीमत ऑर्डर से पहले बताई जाती है।
नॉब ढीला, जाम या घूमता नहीं
नॉब बदलना और वाल्व की जाँच। वाल्व खोलने और ग्रीस करने का काम सिर्फ़ टेक्नीशियन का है।
नया हॉब लगाना या बदलना
मॉड्यूलर किचन में नए कट-आउट पर फ़िटिंग, पुराने कट-आउट में नया हॉब, LPG से PNG के जेट बदलना, और हर जोड़ की लीक-जाँच।
बुकिंग से काम पूरा होने तक
- बुक करें या कॉल करें: फ़ॉर्म भरें, कॉल करें या WhatsApp पर लिखें: उपकरण, ब्रांड और क्या दिक्कत है।
- टेक्नीशियन घर आता है: तय समय पर, ज़रूरी औज़ार और आम पार्ट्स साथ लेकर।
- पहले जाँच, फिर खर्च: फ़ॉल्ट देखकर वह बताता है कि क्या करना है और कितना लगेगा। आपकी हाँ के बाद ही काम शुरू।
- काम के बाद पेमेंट: काम पूरा होने और आपके चलाकर देख लेने के बाद ही पैसे। कोई एडवांस नहीं।
गैस की सुरक्षा सबसे पहले
- गैस की गंध आए तो कोई स्विच न दबाएँ, न लाइट जलाएँ न बुझाएँ, माचिस या लाइटर बिल्कुल नहीं। सिलिंडर का रेगुलेटर या PNG का वाल्व बंद करें, खिड़की-दरवाज़े खोलें, सबको बाहर ले जाएँ और बाहर से फ़ोन करें: LPG के लिए 1906, पाइप वाली गैस के लिए अपनी गैस कंपनी का इमरजेंसी नंबर (बिल पर लिखा होता है)।
- काँच चटक गया हो तो उस हॉब पर खाना न बनाएँ; गैस बंद रखें और टेक्नीशियन बुलाएँ।
- हॉब के नीचे बंद कैबिनेट में सिलिंडर न रखें, और वहाँ बिजली का सॉकेट न हो। बार-बार नॉब घुमाकर जलाने की कोशिश न करें: बिना जली गैस किचन में भरती है।
सभी ब्रांड, पर किसी कंपनी का अधिकृत सेंटर नहीं
हम एक स्वतंत्र सर्विस सेंटर हैं और हर ब्रांड का काम करते हैं, पुराने मॉडल भी। हम किसी कंपनी के अधिकृत (authorised) सर्विस सेंटर नहीं हैं और ऐसा कभी नहीं कहते। जहाँ कंपनी असली पार्ट देती है वहाँ वही लगाते हैं, और दूसरा पार्ट लगाना हो तो पहले बता देते हैं। अगर उपकरण अभी कंपनी की वारंटी में है, तो पहले कंपनी की सर्विस लाइन पर बात करें।