चंडीगढ़ में गैस चूल्हा (गैस स्टोव) रिपेयर
विज़िट चार्ज ₹100 है। काम शुरू करने से पहले टेक्नीशियन फ़ॉल्ट देखकर खर्च बताता है, और पैसे काम पूरा होने के बाद ही लिए जाते हैं।
दो, तीन या चार बर्नर वाला गैस चूल्हा, स्टील का हो या काँच के टॉप वाला: चंडीगढ़ में घर पर ठीक करवाएँ। लौ कम या पीली है, बर्नर आग नहीं पकड़ता, नॉब टाइट है या लाइटर से जलाना पड़ता है, तो टेक्नीशियन आम पार्ट्स साथ लाता है और ज़्यादातर काम एक ही बार में हो जाता है।
बुकिंग फ़ॉर्म अंग्रेज़ी में है: बस नाम, मोबाइल नंबर और पता भर दें। बाकी बात हमारी टीम फ़ोन पर हिंदी में कर लेगी।
चंडीगढ़ में
चंडीगढ़ के सेक्टरों में पुरानी कोठियों से लेकर नए फ़्लैटों तक हर तरह के किचन हैं: कहीं पुराना स्टील का चूल्हा, कहीं नया मॉड्यूलर किचन।
चंडीगढ़ के ज़्यादातर घरों में आज भी सिलिंडर वाला चूल्हा चलता है, और कुछ इलाक़ों में अब पाइप वाली गैस भी आने लगी है। चूल्हे को PNG पर चलाना हो तो पहले उसके जेट बदलवाएँ; बिना जेट बदले न चलाएँ।
सर्दियों में कम लौ
चंडीगढ़ में सर्दियों की सुबह ठंड काफ़ी होती है, और ठंड में सिलिंडर के अंदर की गैस धीमे बनती है। इसलिए जनवरी की सुबह, ख़ासकर सिलिंडर ख़त्म होने के क़रीब, लौ छोटी लगती है और दिन चढ़ने पर ठीक हो जाती है। सिलिंडर को गरम पानी, हीटर, धूप में तपाकर या आग से कभी गरम न करें। भरे सिलिंडर पर भी पूरे दिन लौ कम रहे, तो जेट, बर्नर या रेगुलेटर की जाँच का समय है।
बरसों पुराने स्टील के चूल्हे
कई घरों में बीस-पच्चीस साल पुराना भारी स्टील का चूल्हा अब भी रोज़ चलता है। उसके पीतल के बर्नर और वाल्व मज़बूत होते हैं, और सर्विस में वाल्व की सफ़ाई-ग्रीसिंग, जेट और बर्नर की सफ़ाई से वह फिर आराम से चलता है। किसी पुराने मॉडल का नॉब या वाल्व न मिले, तो टेक्नीशियन पहले बता देता है कि क्या लग सकता है।
चंडीगढ़ के इन इलाक़ों में भी आते हैं
सेक्टर 15 · सेक्टर 22 · सेक्टर 35 · सेक्टर 44 · मनीमाजरा · सेक्टर 38 (वेस्ट) · सेक्टर 49 · सेक्टर 8
और चंडीगढ़ के बाकी इलाक़ों में भी: कुल 83 इलाक़े।
हम क्या-क्या ठीक करते हैं
पूरी सर्विसिंग
बर्नर, जेट और अंदर की नली की सफ़ाई, नॉब-वाल्व की ग्रीसिंग, लौ की सेटिंग और आख़िर में लीक-जाँच। सर्विस के बाद लौ नीली रहती है और गैस भी कम लगती है।
कम या पीली लौ
दूध उबलकर या चाय गिरकर जेट के बारीक छेद बंद हो जाते हैं, या हवा का मेल बिगड़ जाता है। पीली लौ से बर्तन काले होते हैं और गैस ज़्यादा जलती है।
बर्नर में आग न पकड़ना
जेट बंद, बर्नर टेढ़ा या ठीक से न बैठा हो। साफ़ करके या बर्नर और पैन-सपोर्ट बदलकर ठीक।
ऑटो-इग्निशन
लाइटर से जलाना पड़ता है? स्पार्क पिन, तार या इग्निशन यूनिट की जाँच, और ज़रूरत हो तो बदलना।
नॉब टाइट, ढीला या जाम
नॉब बदलना और वाल्व की सफ़ाई-ग्रीसिंग, ताकि लौ आराम से कम-ज़्यादा हो।
काँच का टॉप और LPG से PNG
ग्लास-टॉप चूल्हे का टूटा काँच बदलना। घर में पाइप वाली गैस आई है तो जेट बदलकर चूल्हा PNG के लिए सेट करना और लीक-जाँच।
बुकिंग से काम पूरा होने तक
- बुक करें या कॉल करें: फ़ॉर्म भरें, कॉल करें या WhatsApp पर लिखें: उपकरण, ब्रांड और क्या दिक्कत है।
- टेक्नीशियन घर आता है: तय समय पर, ज़रूरी औज़ार और आम पार्ट्स साथ लेकर।
- पहले जाँच, फिर खर्च: फ़ॉल्ट देखकर वह बताता है कि क्या करना है और कितना लगेगा। आपकी हाँ के बाद ही काम शुरू।
- काम के बाद पेमेंट: काम पूरा होने और आपके चलाकर देख लेने के बाद ही पैसे। कोई एडवांस नहीं।
गैस की सुरक्षा सबसे पहले
- गैस की गंध आए तो कोई स्विच न दबाएँ, न लाइट जलाएँ न बुझाएँ, माचिस या लाइटर बिल्कुल नहीं। सिलिंडर का रेगुलेटर या PNG का वाल्व बंद करें, खिड़की-दरवाज़े खोलें, सबको बाहर ले जाएँ और बाहर से फ़ोन करें: LPG के लिए 1906, पाइप वाली गैस के लिए अपनी गैस कंपनी का इमरजेंसी नंबर (बिल पर लिखा होता है)।
- जेट, वाल्व, पाइप या रेगुलेटर को ख़ुद न खोलें। हमारा टेक्नीशियन जिस जोड़ को छूता है, काम से पहले और बाद में उसकी लीक-जाँच करता है।
- रबर का पाइप (होज़) सख़्त हो गया हो, चटका हो या उस पर छपी तारीख़ निकल गई हो तो उसे बदलवाएँ, ISI मार्क वाला ही।
सभी ब्रांड, पर किसी कंपनी का अधिकृत सेंटर नहीं
हम एक स्वतंत्र सर्विस सेंटर हैं और हर ब्रांड का काम करते हैं, पुराने मॉडल भी। हम किसी कंपनी के अधिकृत (authorised) सर्विस सेंटर नहीं हैं और ऐसा कभी नहीं कहते। जहाँ कंपनी असली पार्ट देती है वहाँ वही लगाते हैं, और दूसरा पार्ट लगाना हो तो पहले बता देते हैं। अगर उपकरण अभी कंपनी की वारंटी में है, तो पहले कंपनी की सर्विस लाइन पर बात करें।