चंडीगढ़ में किचन चिमनी सर्विस और रिपेयर
विज़िट चार्ज ₹100 है। काम शुरू करने से पहले टेक्नीशियन फ़ॉल्ट देखकर खर्च बताता है, और पैसे काम पूरा होने के बाद ही लिए जाते हैं।
चिमनी धुआँ नहीं खींच रही, आवाज़ ज़्यादा करती है या उससे तेल टपकता है? चंडीगढ़ में टेक्नीशियन घर आकर चिमनी की डीप क्लीनिंग करता है और मोटर, ब्लोअर, फ़िल्टर या ऑटो-क्लीन पैनल की रिपेयर आपके किचन में ही करता है। नई चिमनी लगानी हो तो डक्ट के साथ फ़िटिंग भी।
बुकिंग फ़ॉर्म अंग्रेज़ी में है: बस नाम, मोबाइल नंबर और पता भर दें। बाकी बात हमारी टीम फ़ोन पर हिंदी में कर लेगी।
चंडीगढ़ में
चंडीगढ़ के सेक्टरों में पुरानी कोठियों से लेकर नए फ़्लैटों तक हर तरह के किचन हैं: कहीं पुराना स्टील का चूल्हा, कहीं नया मॉड्यूलर किचन।
यहाँ के घरों में तड़के और पराठे रोज़ बनते हैं, इसलिए चिमनी के फ़िल्टर में तेल जल्दी जमता है; बैफ़ल फ़िल्टर हर एक-दो हफ़्ते में धो लें तो डीप क्लीनिंग तक सक्शन बना रहता है।
एग्ज़ॉस्ट फ़ैन के छेद से डक्ट
पुराने मकानों में किचन की बाहरी दीवार पर एग्ज़ॉस्ट फ़ैन का गोल छेद होता है, और नई चिमनी का डक्ट अक्सर उसी से बाहर निकाला जाता है। छेद डक्ट से बड़ा रह जाए तो उसकी ख़ाली जगह से धुआँ लौटता है, और सर्दियों में ठंडी हवा, बारिश में पानी और कीड़े अंदर आते हैं। डक्ट के चारों ओर प्लेट लगाकर या सील करके छेद बंद करना फ़िटिंग का हिस्सा है।
ऊँची छत और चिमनी की ऊँचाई
पुरानी कोठियों के किचन की छत अक्सर ऊँची होती है, और चिमनी को छत के पास टाँग देने का मन करता है। पर चिमनी हॉब से तय ऊँचाई पर ही धुआँ ठीक खींचती है, ज़्यादातर मॉडल में लगभग 65 से 75 सेंटीमीटर ऊपर; मॉडल की किताब में यह लिखा होता है। ऊँची छत में बीच की ख़ाली जगह के लिए एक्सटेंशन कवर लगता है, चिमनी ऊपर नहीं जाती।
डक्ट का मुँह किधर खुले
कोठियों में डक्ट का बाहरी सिरा अक्सर पीछे के आँगन या पड़ोसी की दीवार की तरफ़ खुलता है। मुँह किसी की खिड़की के सामने हो तो धुआँ और तड़के की गंध वहीं जाती है। डक्ट को खुली तरफ़ या ऊपर की ओर निकालना, और बाहर जाली वाला कवर लगाना, दोनों बाद की परेशानी बचाते हैं।
चंडीगढ़ के इन इलाक़ों में भी आते हैं
सेक्टर 15 · सेक्टर 22 · सेक्टर 35 · सेक्टर 44 · मनीमाजरा · सेक्टर 38 (वेस्ट) · सेक्टर 49 · सेक्टर 8
और चंडीगढ़ के बाकी इलाक़ों में भी: कुल 83 इलाक़े।
हम क्या-क्या ठीक करते हैं
डीप क्लीनिंग
फ़िल्टर या बैफ़ल धोना, ब्लोअर और अंदर की बॉडी से जमी चिकनाई निकालना। ऑटो-क्लीन चिमनी में भी तेल ब्लोअर और डक्ट में जमता है, सिर्फ़ ऑटो-क्लीन बटन काफ़ी नहीं।
सक्शन कम होना
धुआँ किचन में फैलता है तो अक्सर फ़िल्टर या ब्लोअर तेल से भरा होता है, या डक्ट पाइप मुड़ा या बहुत लंबा है। जाँचकर असली वजह ठीक की जाती है।
आवाज़ या कंपन
ब्लोअर पर जमा तेल, ढीले पेंच या मोटर के बेयरिंग। सफ़ाई और कसाव से, या मोटर की रिपेयर से।
तेल टपकना
ऑयल कप भरा हो या फ़िल्टर में ज़्यादा तेल जमा हो जाए तो तेल वापस नीचे टपकता है। सफ़ाई और ज़रूरत हो तो फ़िल्टर बदलना।
ऑटो-क्लीन और टच पैनल
बटन काम न करें, लाइट न जले या ऑटो-क्लीन न चले: पैनल, बोर्ड और वायरिंग की जाँच और रिपेयर।
नई चिमनी लगाना या उतारना
दीवार या आइलैंड पर फ़िटिंग, हॉब से सही ऊँचाई, डक्ट पाइप बाहर तक। शिफ़्टिंग के लिए उतारना भी।
बुकिंग से काम पूरा होने तक
- बुक करें या कॉल करें: फ़ॉर्म भरें, कॉल करें या WhatsApp पर लिखें: उपकरण, ब्रांड और क्या दिक्कत है।
- टेक्नीशियन घर आता है: तय समय पर, ज़रूरी औज़ार और आम पार्ट्स साथ लेकर।
- पहले जाँच, फिर खर्च: फ़ॉल्ट देखकर वह बताता है कि क्या करना है और कितना लगेगा। आपकी हाँ के बाद ही काम शुरू।
- काम के बाद पेमेंट: काम पूरा होने और आपके चलाकर देख लेने के बाद ही पैसे। कोई एडवांस नहीं।
गैस की सुरक्षा सबसे पहले
- गैस की गंध आए तो कोई स्विच न दबाएँ, न लाइट जलाएँ न बुझाएँ, माचिस या लाइटर बिल्कुल नहीं। सिलिंडर का रेगुलेटर या PNG का वाल्व बंद करें, खिड़की-दरवाज़े खोलें, सबको बाहर ले जाएँ और बाहर से फ़ोन करें: LPG के लिए 1906, पाइप वाली गैस के लिए अपनी गैस कंपनी का इमरजेंसी नंबर (बिल पर लिखा होता है)।
- चिमनी के फ़िल्टर और डक्ट में जमा तेल आग पकड़ सकता है, इसलिए समय पर सफ़ाई सुरक्षा की बात भी है। तेज़ आँच पर तड़का लगाते हुए चिमनी चालू रखें।
- चिमनी उतारते या लगाते समय नीचे का हॉब या चूल्हा बंद रहता है; गैस का कोई पाइप या वाल्व हम ज़रूरत के बिना नहीं छूते।
सभी ब्रांड, पर किसी कंपनी का अधिकृत सेंटर नहीं
हम एक स्वतंत्र सर्विस सेंटर हैं और हर ब्रांड का काम करते हैं, पुराने मॉडल भी। हम किसी कंपनी के अधिकृत (authorised) सर्विस सेंटर नहीं हैं और ऐसा कभी नहीं कहते। जहाँ कंपनी असली पार्ट देती है वहाँ वही लगाते हैं, और दूसरा पार्ट लगाना हो तो पहले बता देते हैं। अगर उपकरण अभी कंपनी की वारंटी में है, तो पहले कंपनी की सर्विस लाइन पर बात करें।